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| जैतून तेल के फायदे |
नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क के अनुशार -Olive OilBenefits: ऑलिव ऑयल यानी (ज़ैतून ) के तेल का सेवन करने से आप वक्त से पहले मृत्यु से बच सकते हैं ऐसा मन जाता है और आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन रिसर्च स्टडी से पता चला है कि हृदय रोगों व मृत्यु के कम जोखिम और ज़ैतून के तेल के बीच गहरा संबंध बताया गया है।
आप लोगो की जानकारी के लिए बता दें कि हार्वर्ड मेडिकल स्कूल ने एक शोध किया जिसमें पाया गया था कि जो लोग 28 सालों तक ज़ैतून के तेल की उच्चतम मात्रा (1/2 चम्मच, या 7 ग्राम से अधिक, प्रति दिन) का सेवन करते है उनमें उन लोगों की तुलना में जल्दी मृत्यु का 19% कम जोखिम था, जिन्होंने कभी या शायद ही कभी जैतून के तेल का उपयोग नहीं किया होगा।
ज़ैतून का तेल क्या होता है और कैसे बनता है
आप लोगो को बताना चाहेंगे कि नाम से ज़ाहिर है, कि यह तेल ज़ैतून से निकाला जाता है और इसे आमतौर पर खाना पकाने और सलाद की ड्रेसिंग के लिए इस्तेमाल किया जाता है तथा ज़ैतून का तेल कई तरह का आता है- एक्सट्रा- वर्जिन ऑलिव ऑयल, वर्जिन ऑलिव ऑयल, शुद्ध ज़ैतून का तेल, रिफाइन्ड ज़ैतून का तेल और ज़ैतून खली का तेल आदि।
इन सब में से एक्सटॅा-वर्जिन ऑलिव ऑयल सबसे अच्छी क्वालिटी का होता है, जबकि रिफाइन्ड और ज़ैतून खली का तेल सबसे ख़राब क्वालिटी के माने जाते हैं, जो बचे हुए ज़ैतून को दबाकर निकाला जाता है।
ज़ैतूल का तेल स्वस्थ्य है या नहीं
मिली जानकारी के अनुशार बताना चाहेंगे कि ज़ैतून का तेल कई बीमारियों के ख़तरे को कम करने के लिए भी उपयोग किया जाता है। और इस तथ्य के पीछे कई कारणों में से एक यह है कि यह मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड से भरपूर होता है, जो शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने के लिए माने जाते हैं।
और बता दें कि उच्च कोलेस्ट्रॉल के स्तर की वजह से कई बीमारियां और स्वास्थ्य जटिलताएं पैदा होती है अध्ययनों से से मिली जानकारी से यह एंटीऑक्सिडेंट मुक्त कणों के कारण ऑक्सीडेटिव क्षति को कम कर सकता है जो कैंसर का कारण बनते हैं।
शोध
अध्ययन से यह भी पता लगाया जा सकता है कि जो
लोग अधिक ज़ैतून के तेल का सेवन करते हैं, उनमें हृदय रोग से मृत्यु का 19% कम जोखिमऔर कैंसर से मृत्यु का 17% कम जोखिम होता है बता दें कि न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारी
(जैसे पार्किंसंस या अल्ज़ाइमर) से मरने का जोखिम 29% कम हो जाता है और अध्ययन से यह
भी पता चला कि इन लोगों में सांस की बीमारियों से मरने का जोखिम 18% कम होता है।
क्या यह तेल वज़न भी बढ़ाता है
आप
लोगो की जानकारी के लिए बता दें कि वज़न का बढ़ना इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितनी
कैलोरी लेते हैं और आपका शरीर उसमें से कितनी इस्तेमाल करता है। अगर आप ज़रूरत से ज़्यादा
कैलोरी का सेवन करते हैं, तो वज़न बढ़ेगा।
और
इसी बजह से वज़न घटाने के दौरान लोगों को कम कैलोरी वाली डाइट लेने की सलाह दी जाती
है। और यही कारण है कि ओलिव ऑयल का संतुलित सेवन हेल्दी माना गया है।


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